आज दोपहर CJP डेलिगेट्स की केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात संभव बताई जा रही है। इससे पहले 20 जुलाई को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने CJP प्रवक्ताओं से मुलाकात की थी।
सरकार का पक्ष
सरकार का रुख है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पहले से ही सख्त कार्रवाई हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वीडियो संदेश में नए और कड़े कानून लाने की घोषणा की। NEET-UG 2026 मामले में परीक्षा रद्द कर री-टेस्ट कराया गया, CBI जांच चल रही है और फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जा रहे हैं।
सरकार के सूत्रों का कहना है कि छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है, लेकिन आंदोलन में हिंसा और बैरिकेड तोड़ने जैसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विपक्ष और CJP का पक्ष
CJP और आंदोलनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि नड्डा के घर पर नहीं, बल्कि न्यूट्रल जगह पर वार्ता होनी चाहिए। Sonam Wangchuk ने 26 दिन का अनशन तोड़ा जरूर, लेकिन कई छात्र नेता अभी भी इस्तीफे और पूर्ण जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस समेत विपक्षी दल भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों से 17 स्टेशन बंद कर दिए हैं। पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों के पासपोर्ट रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रदर्शनकारी दावा करते हैं कि यह छात्रों के भविष्य का आंदोलन है, जबकि सरकार इसे कुछ तत्वों द्वारा भड़काया गया राजनीतिक प्रदर्शन बताती है।
अभी तक की स्थिति:
- बातचीत का रास्ता खुला, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं।
- आंदोलन जारी।
- दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप।
Pragti News लगातार अपडेट दे रहा है। यह मुद्दा छात्रों के भविष्य और परीक्षा सुधार से जुड़ा है, इसलिए सभी पक्षों को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।