परिवाद में आरोप लगाया गया है कि जिला अध्यक्ष द्वारा कथित रूप से निजी भूमि व रिहायशी क्षेत्र की ओर शौचालय का अपशिष्ट व गंदा पानी छोड़ा गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप के अनुसार गंदे पानी का बहाव कृषि भूमि की ओर भी किया गया, जिससे फसलों को नुकसान के साथ-साथ गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
शिकायत में यह भी बताया गया है कि अपशिष्ट सरकारी विद्यालय के पास डाले जाने से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों पर विषैली दुर्गंध का प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों व विद्यालय प्रशासन द्वारा विरोध करने पर कथित रूप से गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि महासिंह चौधरी अपने राजनीतिक पद, प्रभाव और प्रशासनिक पहुंच का उपयोग करते हुए आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन कर रहे हैं। परिवाद में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिला अध्यक्ष पर पूर्व में भी अवैध कब्जे, भय का माहौल बनाने और राजनीतिक प्रभाव से झूठे मुकदमे दर्ज कराने जैसे आरोप स्थानीय स्तर पर लगते रहे हैं।
पीड़ितों का आरोप है कि इस प्रकार की गतिविधियों से भारतीय जनता पार्टी की छवि भी धूमिल हो रही है तथा पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं पर जनता के विश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
फिलहाल पुलिस द्वारा परिवाद प्राप्त कर मामले की जांच की जा रही है।
