रेवाड़ी में अनौखा रिटायरमेंट समारोह, संविधान गौरव यात्रा और संविधान प्रबोधन बना आकर्षण।

रेवाड़ी में अनौखा रिटायरमेंट समारोह, संविधान गौरव यात्रा और संविधान प्रबोधन बना आकर्षण।
संवाददाता: अमित कुमार कोटकासिम, हरियाणा के रेवाड़ी शहर में 2 नवंबर 2025 को शिक्षक के के मूलनिवासी के रिटायरमेंट समारोह को एक अनोखे रूप में आयोजन किया गया। देशभर में यह कार्यक्रम आकर्षण और आदर्श कार्यक्रम के रूप में देखा गया। पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया डेमोक्रेटिक की यूथ विंग,पीपल्स_यूथ_फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर_ललित_कुमार, ने मुख्य वक्ता के रूप में संविधान गौरव यात्रा और संविधान प्रबोधन में विस्तृत मार्गदर्शन किया। उन्होंने इस अवसर पर ,"संविधान और हमारा व्यवहार", पर बात रखते हुए, संविधान को मिटाने वाले, संविधान को बचाने वाले और संविधान को बताने वाले की पहचान करने की सलाह दी, और उन्होंने कहा कि जब तक हम सिर्फ संविधान को बचाने और दूसरों को सिर्फ बताने की बात करते रहेंगे और,अपने जीवन में संविधान का व्यावहारिक प्रदर्शन नहीं करेंगे, तब तक लोगों में संवैधानिक चरित्र और व्यवहार निर्माण नहीं होगा, इसी से देश में एक सच्ची संवैधानिक व्यवस्था स्थापित हो सकती है। यही संविधान की सफलता का एक बहुत बड़ा मार्ग है। 

उन्होंने बताया कि हमारे देश में जातिवाद, भ्रष्टाचार और अंधविश्वास ने कब्ज़ा पर जमा रखा हैं। यह धर्म के नाम पर और राजनीति के दम पर मजबूत और भयावह रूप लेता जा रहा है। जो देश को धार्मिक और जातिवादी हिंसा और उन्माद की नफरत के साथ गृह युद्ध की तरफ खींच रहा है। 

मूलनिवासी समाज के पुरखों ने इसको उखाड़ कर समतामूलक समाज और मानवीय नैतिक मूल्यों पर आधारित न्यायवादी व्यवस्था की स्थापना के लिए अपना जीवन लगाया लेकिन इन अपने पुरखों को अपना आदर्श मानने वाले या संविधान की रक्षा करने का दावा करने वाले भी आज जातिवाद, भ्रष्टाचार और अंधविश्वास के जाने अनजाने में ही सही लेकिन शिकार बनते जा रहे हैं। जातिवाद को खत्म करने वाले पुरखों की सामाजिक संताने आज जातिवाद पर गर्व करके जातिवाद के संरक्षण में लग गए हैं। इसी तरह से संविधान को बचाते बचाते हम संविधान के उल्टे चलने के मार्ग पर दिग्भ्रमित होते जा रहे हैं। हमारे समाज को इस मार्ग से हटाने के लिए जागरूक करना होगा।

आज संविधान मिटाने वाला, संविधान बचाने वाला और संविधान बताने वाला भी संविधान को हाथ में लेकर घूम रहा है, संविधान की बात कर रहा है। सब संविधान हाथ में लिए घूम रहे हैं।* इसलिए संविधान के सच्चे अनुपालक की पहचान हमें करनी होगी और उसके मार्गदर्शन में एक लोकतांत्रिक संगठनात्मक शक्ति का निर्माण करके समाज में संवैधानिक लोकतांत्रिक मानवतावादी न्यायवादी चरित्र और व्यवहार की पुनर्स्थापना करनी होगी। 

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने #रिटायर्ड_शिक्षक #के_के_मूलनिवासी को उनके राजकीय और राष्ट्रीय सेवा के योगदान के उपरांत अब नई जिम्मेदारी के रूप में सामाजिक और पारिवारिक भूमिका अदा करने के लिए एक नेतृत्व करी सिपाही की भूमिका के लिए अपील की और उनके सफल राजकीय और राष्ट्रीय सेवा के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। 

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता राखी रावण, बामसेफ के वरिष्ठ कैडर मुकेश कुमार ने भी के के मूलनिवासी और उनके परिवार को आभार व्यक्त करते हुए उपस्थित जनों का मार्गदर्शन किया। सैकड़ो की संख्या में विद्यार्थी, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ परिवार जनों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहभागी हो जागरूकता का प्रदर्शन किया। 

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