खैरथल। श्री जाटव समाज संस्थान के आगामी 22 मार्च को होने वाले चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में नरेश कुमार, अमित कुमार, सुरेंद्र कुमार सहित अन्य सदस्यों द्वारा सिविल न्यायालय में वाद दायर कर वोट डालने के अधिकार की मांग की गई है।
वादियों का कहना है कि वे सभी विधि एवं नियमों के अनुसार आजीवन सदस्य बने हैं, इसके बावजूद उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित कर दिया गया। उन्होंने विशेष रूप से 11 व 12 फरवरी को बने सदस्यों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उन्हीं तिथियों में सदस्य बनने वाले कुछ लोगों को वोट देने का अधिकार दिया गया, जबकि उन्हें अनुचित रूप से बाहर रखा गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्वाचन अधिकारी एवं संस्थान अध्यक्ष द्वारा मनमाने और जबरन तरीके अपनाकर उनके अधिकारों का हनन किया गया है। वादियों की ओर से अधिवक्ता द्वारा न्यायालय में जोरदार पैरवी की गई।
वहीं, संस्थान की अध्यक्ष ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्वाचन अधिकारी द्वारा उनसे जबरन हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो सदस्य मतदान से वंचित रह गए हैं, उन्हें भी वोट डालने का अधिकार मिलना चाहिए।
मामले में निर्वाचन अधिकारी की ओर से जवाब आज दिनांक 19 मार्च को न्यायालय में पेश किया जाना है।
फिलहाल, पूरे मामले पर न्यायालय के निर्णय का इंतजार है, जो चुनाव की दिशा तय करेगा।
