दुर्घटना के दौरान बस में मौजूद
बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चों को
सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आरोप है कि बस चालक ने करीब तीन दिन पहले ही स्कूल
प्रबंधन को बस के ब्रेक खराब होने की सूचना दी थी,
लेकिन इसके बावजूद बस को ठीक नहीं कराया गया। यदि यह आरोप सही पाए
जाते हैं तो यह स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही मानी जाएगी।
स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने
जिला प्रशासन से मांग की है कि जिलेभर के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के
वाहनों की विशेष जांच कराई जाए तथा जिन वाहनों के दस्तावेज अधूरे हैं या फिटनेस
समाप्त हो चुकी है, उनके खिलाफ सख्त
कार्रवाई की जाए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों
में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो
भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।