ग्रामीणों का कहना है कि खुलेआम शराबखोरी और संदिग्ध गतिविधियों के कारण युवाओं पर गलत असर पड़ रहा था और गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। मामला बढ़ने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी और बड़ी संख्या में महिलाएं व अन्य लोग आरोपी के घर पहुंचकर विरोध जताने लगे।
मौके पर ग्रामीणों को बड़ी संख्या में खाली देसी शराब के पव्वे पड़े मिले, साथ ही करीब पांच भरे हुए पव्वे मिलने का भी दावा किया गया। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर शौकीन की मां और पत्नी ने उनके साथ गाली-गलौज की और कुछ लोगों ने जातिसूचक शब्द कहने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया और मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई।
सूचना मिलने के करीब 10 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध शराब बिक्री पर तुरंत रोक लगाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो गांव का माहौल और बिगड़ सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
