खैरथल, तिजारा।खैरथल जिला मुख्यालय बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर अब संघर्ष को राजनीतिक गति मिलने जा रही है। आगामी दिनांक 04 अक्टूबर, शनिवार प्रातः 11 बजे खैरथल में एक विशाल आम सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी संघर्ष को नया बल देगी।
इस आमसभा में पूर्व मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व उप मुख्यमंत्री श्री सचिन पायलट, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री भंवर जितेंद्र सिंह, नेता प्रतिपक्ष श्री टीकाराम जूली सहित पार्टी के अन्य बड़े नेता शामिल होंगे। इसके अलावा स्थानीय विधायक, सांसद एवं कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मंच साझा करेंगे।
खैरथल जिला मुख्यालय की मांग को लेकर पिछले कई सप्ताह से चल रहा यह आंदोलन अब प्रदेश की सियासत का केंद्र बन गया है। कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी न केवल संघर्ष समिति का मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि सरकार पर भी दबाव बनाएगी कि खैरथल की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को गंभीरता से सुना जाए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस मौके को जनता से सीधा जुड़ाव बनाने के रूप में भी देख रही है। खैरथल व तिजारा क्षेत्र में जिला मुख्यालय की मांग केवल प्रशासनिक सुविधा का मुद्दा नहीं बल्कि जन-आकांक्षाओं से जुड़ा प्रश्न है, जो आने वाले चुनावों में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
सभा में कांग्रेस नेताओं के तेवर से यह साफ होगा कि पार्टी इस आंदोलन को केवल सांकेतिक समर्थन दे रही है या फिर इसे ठोस राजनीतिक अभियान में बदलने जा रही है। संघर्ष समिति की ओर से कहा गया है कि "यह आंदोलन अब किसी दल या व्यक्ति का नहीं, बल्कि खैरथल-तिजारा के हर नागरिक की आवाज़ बन चुका है।"
04 अक्टूबर की यह आमसभा न केवल खैरथल जिला मुख्यालय बचाओ संघर्ष समिति के आंदोलन की दिशा तय करेगी बल्कि राजस्थान की राजनीति में भी बड़ा संदेश देने वाली साबित हो सकती है।