जयपुर, 15 सितम्बर, राज्य में प्रस्तावित जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति की प्रथम बैठक आयोजित हुई। इसमें 19 विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्य सचिव ने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में होगी। इससे गाँव और तहसील स्तर पर सटीक डेटा उपलब्ध होगा, जो योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार बनेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 दिसम्बर 2025 तक ही प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव अनुमत होगा, इसके बाद मार्च 2027 तक कोई परिवर्तन स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने मई-जून 2026 में होने वाले मकान सूचीकरण व मकानों की गणना के दौरान प्रगणकों और सुपरवाइजरों को ओआरएस व प्राथमिक दवाइयों की किट उपलब्ध कराने के निर्देश चिकित्सा विभाग को दिए।
गृह मंत्रालय के जनगणना निदेशक श्री बिष्णु चरण मल्लिक ने कहा कि जनगणना की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सीमाओं का समय पर स्थिरीकरण जरूरी है। उन्होंने बताया कि भारत में बनी नई तहसीलों में राजस्थान का 18 प्रतिशत और नए बने गांवों में लगभग 47 प्रतिशत हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस मई-जून 2026 में होगा जबकि जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में शुरू होगी।
राज्य नोडल अधिकारी व प्रमुख शासन सचिव (आयोजना एवं सांख्यिकी) श्री भवानी सिंह देथा ने अवगत कराया कि राज्य में जनगणना से जुड़े सभी कार्य समय पर पूरे किए गए हैं और यह प्रक्रिया केन्द्र सरकार की समय-सारणी के अनुसार तय समय पर सम्पन्न होगी।
बैठक में ग्रामीण विकास, अल्पसंख्यक, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, उच्च शिक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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