शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन कई अधिकारी लंबे समय तक अपने मोबाइल फोन में व्यस्त दिखाई दिए। वहीं, कई ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार करते रहे। शिविर में राजस्व, पंचायत, विद्युत, सामाजिक न्याय, कृषि और चिकित्सा सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ अधिकारी सोशल मीडिया देखने में व्यस्त नजर आए, जबकि कुछ मोबाइल पर बातचीत करते रहे। इससे शिविर में पहुंचे लोगों को समय पर सुनवाई नहीं मिलने की शिकायत रही।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार लोगों को राहत देने के उद्देश्य से अधिकारियों को गांवों तक भेज रही है, लेकिन यदि शिविर के दौरान भी अधिकारी-कर्मचारी मोबाइल में व्यस्त रहें तो ऐसे आयोजनों का उद्देश्य प्रभावित होता है। उन्होंने शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग, अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा तथा अनावश्यक मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण की मांग की, ताकि आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान सुनिश्चित हो सके।
पक्ष जानने का प्रयास
इस संबंध में उपखंड अधिकारी सृष्टि जैन से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। उन्होंने विषय सुना, लेकिन इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ऐसे में शिविर के दौरान अधिकारियों की कार्यशैली और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल बने हुए हैं।
.jpeg)



.jpeg)