धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए चार प्रमुख मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। इनमें अजरका चौकी प्रभारी के निलंबन, 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आरोपियों के अतिक्रमण हटाने की मांग शामिल थी।
वहीं पुलिस का कहना है कि मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
करीब 9 घंटे तक चले धरने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर मांगों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद किसान की मौत के कारणों से पर्दा उठ सकेगा।
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