टीकाराम जूली ने कहा कि नौकरी से हटाए जाने के बाद मानसिक तनाव में आकर संविदाकर्मी दीपक खारवाल ने आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद उनकी तीन माह की गर्भवती पत्नी करिश्मा खारवाल द्वारा विषाक्त पदार्थ सेवन किए जाने की सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौके पर ही चिकित्सा विभाग की प्रमुख सचिव से बातचीत कर करिश्मा की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और समुचित उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर संविदाकर्मियों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की कथित वादाखिलाफी के कारण एक परिवार गंभीर संकट में पहुंच गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की।
इस दौरान कांग्रेस विधायक एवं विधानसभा के मुख्य सचेतक रफीक खान भी उनके साथ मौजूद रहे।
