खैरथल-तिजारा, 9 जुलाई। राज्य सरकार के "शुद्ध आहार, मिलावट पर वार" अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को भिवाड़ी स्थित वरुण बेवरेजेज लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टिंग एनर्जी ब्रांड की 180 एमएल क्षमता वाली 21,200 कैन कैफिनेटेड बेवरेज सीज कर दीं। विभाग ने उत्पाद के लेबल पर किए गए दावों की जांच के लिए सैंपल लेकर प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला तथा जिला कलक्टर अतुल प्रकाश के निर्देशानुसार सीएमएचओ खैरथल की खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा की गई।
अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि निरीक्षण के दौरान स्टिंग एनर्जी के लेबल पर "स्टिम्युलेट्स माइंड", "एनर्जाइजेज बॉडी" और "सेम ग्रेट टेस्ट" जैसे दावे अंकित पाए गए। इन दावों की वैधता की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उत्पाद के नमूने लेकर राज्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने तक 21,200 कैन विभाग की निगरानी में सीज कर दी गई हैं।
उन्होंने बताया कि इसी अभियान के दौरान मनसा चौक स्थित होटल आरसी पैलेस का भी निरीक्षण किया गया, जहां से दही एवं पनीर के सैंपल लिए गए। होटल संचालक को परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया कि एफएसएसएआई के दिशा-निर्देशों के अनुसार कैफिनेटेड बेवरेज के लेबल पर "स्टिम्युलेट्स माइंड", "एनर्जाइजेज बॉडी", "एनर्जी ड्रिंक" और "स्पोर्ट्स ड्रिंक" जैसे दावे भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आ सकते हैं। इस संबंध में हाल ही में एफएसएसएआई, नई दिल्ली द्वारा पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनियों को आवश्यक दिशा-निर्देश एवं नोटिस भी जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। जिले में मिलावट, गलत लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी लगातार निरीक्षण और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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