बैठक के दौरान जिला कलक्टर ने एसडीएम व तहसीलदार स्तर पर लंबित प्रकरण, तलफी, पत्थरगड़ी, तरमीन कार्य, एलआर एक्ट, पीडीआर एक्ट, एलआर एक्ट, रोड़ा एक्ट, सीएमओ, स्टेट, संपर्क एवं लोकायुक्त के प्रकरणों पर कार्यवाही कर जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से प्राप्त परिवेदनाओं एवं जन-अभियोगों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया गया।
उन्होंने जिले में अतिक्रमण के प्रकरण, अवरूद्ध रास्तों को खोलना, नामान्तरण के प्रकरण, सहमति बंटवारा एवं सीमाज्ञान के प्रकरणों का निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने म्यूटेशन के लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित रूप से निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की स्थानीय समस्याओं जैसे खराब सड़क, पानी की समस्या सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को जिला स्तर पर अवगत करायें ताकि समय से आमजन को आ रही समस्याओं से निजात दिला सके। उन्होंने अधिकारियों को जमीन आवंटन से संबंधित प्रकरणों को अपने स्तर से निस्तारित करने के निर्देश ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने पिछले माह में निस्तारित कोर्ट केस की संख्या की जानकारी लेकर आगामी माह में निर्धारित नॉर्म्स अनुरूप केस निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी चार्ज जनगणना अधिकारियों को सभी एचएलबी का एचएललो ऐप पर कार्य करवाने निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट, अतिरिक्त जिला कलेक्टर भिवाड़ी सुमित्रा मिश्र, उपखंड अधिकारी टपूकड़ा लाखन सिंह गुर्जर, उपखंड अधिकारी किशनगढ़ बास सत्यवीर सिंह, उपखंड अधिकारी तिजारा संजीव वर्मा, उपखंड अधिकारी कोटकासिम रेखा यादव, उपखंड अधिकारी मुंडावर सृष्टि जैन, उपखंड अधिकारी कृष्ण सिंह, सहित जिले के सभी तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
