अलवर। वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सूर्य नगर में दलित मां-बेटी पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में दलित अधिकार केन्द्र ने गंभीर आरोप लगाए हैं। संस्था द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच दल ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की और पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
जिला समन्वयक शैलेष गौतम के नेतृत्व में गठित जांच दल ने पीड़ित परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, 14 मई को सुबह एक मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद के बाद दोपहर में आरोपियों ने कथित रूप से पीड़िता मंजू और उसकी नाबालिग बेटी पर घर में घुसकर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर चाकू, हॉकी और डंडों जैसे हथियारों से लैस थे।
हमले में मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों के हाथ, गर्दन, चेहरा और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। साथ ही आरोपियों पर अश्लील हरकतें करने और जातिसूचक गालियां देने के आरोप भी लगाए गए हैं। दोनों घायलों का उपचार सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
जांच दल ने राजस्थान पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने में देरी और जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। दल का कहना है कि अब तक न तो घटनास्थल का ठीक से मुआयना किया गया और न ही कथित हथियार व मोबाइल बरामद किए गए हैं। साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों के बयान दर्ज करने में भी देरी होने की बात कही गई है।
दलित अधिकार केन्द्र ने मामले में POCSO Act की धाराएं जोड़ने, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संस्था ने कहा कि जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों और संबंधित आयोगों को भेजी जाएगी।

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