कनिष्ठ अभियंता जेवीवीएनएल ने बताया कि जिले में सोलर प्लांट कुसुम योजना के तहत स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे संयंत्र संचालक, किसानों एवं आमजन को स्वच्छ ऊर्जा के साथ आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है। प्लांट संचालक ने बताया कि सोलर प्लांट से औसतन प्रतिमाह लगभग 10-12 हजार यूनिट विद्युत उत्पादन हो रहा है, जिससे करीब 10 लाख रुपये तक का मासिक बिल जनरेट हो रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की रियायती ऋण सुविधा एवं योजनाओं के कारण सोलर प्लांट स्थापित करना सरल हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिला है।
इसके पश्चात मीडिया कर्मियों ने बडली स्थित चरागाह विकास कार्य का निरीक्षण किया। यहां लगाए गए पौधों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था एवं सिंचाई प्रणाली का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में लगाए गए लगभग 3000 पौधे जीवित हैं तथा अधिकांश पौधों की ऊंचाई 8 फीट से अधिक हो चुकी है। पौधों की सिंचाई हेतु दो-दो हजार लीटर क्षमता की टंकियां स्थापित की गई हैं, जिनके माध्यम से नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराया जाता है।
निरीक्षण के दौरान मीडिया कर्मियों ने अमृत सरोवर का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने बताया कि आसपास की पहाड़ियों से आने वाले वर्षा जल को ट्रेंच प्रणाली के माध्यम से अमृत सरोवर तक पहुंचाया जाता है, जिससे जल संरक्षण को मजबूती मिली है। अमृत सरोवर के समीप कराई गई बोरिंग में लगभग 300 फीट पर ही पानी उपलब्ध हो रहा है, जबकि आसपास के कई क्षेत्रों में एक हजार फीट तक खुदाई के बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिलता। इससे स्पष्ट है कि जल संरक्षण कार्यों से भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।
पत्रकारों ने बडली स्थित एनिकट निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने बताया कि वर्षा के दौरान एनिकट एवं ट्रेंच के माध्यम से जल भूमि में रिसकर भूजल स्तर को बढ़ाने में सहायक बनता है। यह कार्य क्षेत्र में दीर्घकालीन जल संरक्षण का प्रभावी मॉडल साबित हो रहा है।
इसके बाद मीडिया कर्मियों ने मुंडावर स्थित सागर जलाशय का निरीक्षण किया, जहां विकास एवं जीर्णोद्धार कार्य प्रगतिरत हैं। अधिकारियों ने बताया कि जलाशय के पुनरुद्धार के पश्चात क्षेत्र में जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी तथा भूजल स्तर सुधारने में भी सहायता मिलेगी।
मीडिया कर्मियों ने अलीबख्श पैनोरमा का भी अवलोकन किया। यहां पत्रकारों ने अलीबख्श के जीवन, इतिहास एवं साहित्य तथा कला क्षेत्र में उनके योगदान की जानकारी प्राप्त की। पैनोरमा में स्थानीय इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया है।
इस अवसर पर मीडिया कर्मियों ने कहा कि जिले में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचार अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं। इन विकास कार्यों से न केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिल रही है।





