बीकानेर। संविधान निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर बीकानेर में आयोजित संविधान महोत्सव ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को नई ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर आयोजित सेमिनार में मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गर्वे ने देश की एकता और अखंडता पर बल देते हुए कहा कि पड़ोसी देशों की अस्थिरता के बावजूद भारत का लोकतंत्र मजबूत और एकजुट है।
उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के ‘वन पर्सन, वन वोट, वन वैल्यू’ जैसे अमूल्य संदेश को याद कर लोकतंत्र की नींव को और सुदृढ़ करने का आह्वान किया। वहीं, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए महिला सशक्तिकरण को भारत की प्रगति का आधार बताया।
🌟 सराहना और प्रसंसा
इस तरह का आयोजन न केवल संविधान के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुँचाता है, बल्कि समाज में लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता और एकजुटता की भावना को भी प्रबल करता है। बीकानेर में हुआ यह महोत्सव वास्तव में देश की लोकतांत्रिक चेतना और सांविधानिक गौरव का उत्सव है।
केंद्र और प्रदेश स्तर पर ऐसे आयोजनों की सराहना की जानी चाहिए, क्योंकि यह भारत को एक सूत्र में पिरोने और नागरिकों को अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का सराहनीय प्रयास है।
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