ज्ञापन में बताया गया कि अगवानी दगड़े से ठेकड़ा गांव तक जाने वाले आम रास्ते पर केवल आंशिक रूप से ग्रेवल सड़क का निर्माण किया गया है, जबकि पूरे मार्ग पर राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार निर्माण कार्य होना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा कार्य छोड़ दिया गया है और वास्तविक रिकॉर्ड की अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कृषि भूमि में आवासीय प्लॉटिंग करने वाले कारोबारियों के दबाव तथा राजनीतिक संरक्षण के कारण प्रशासन किसानों पर मार्ग बदलने का दबाव बना रहा है। इससे किसानों की भूमि प्रभावित हो रही है और क्षेत्र में विवाद की स्थिति पैदा हो रही है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की कि अगवानी दगड़े से ठेकड़ा गांव तक पूरे रास्ते का निर्माण राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप कराया जाए तथा अधूरे ग्रेवल कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि किसानों और आमजन को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को विवश होंगे। ज्ञापन के दौरान रहमुदीन, मुस्तकीम, शम्सुदीन, निजामुदीन, हमीद खान सहित अगवानी और ठेकड़ा गांव के अनेक ग्रामीण एवं किसान उपस्थित रहे।
