लाभार्थी ने बताया कि उन्होंने आवासीय पट्टे के लिए आवेदन किया था। शिविर में मौजूद शिविर प्रभारी, प्रशासक एवं ग्राम विकास अधिकारी ने आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही आवासीय पट्टा जारी कर दिया। इससे उन्हें अपनी भूमि पर वैधानिक स्वामित्व का अधिकार प्राप्त हुआ है, जिससे भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का मार्ग भी आसान हो गया है।
आवासीय पट्टा मिलने पर लाभार्थी और उनके परिजनों ने राजस्थान सरकार, पंचायती राज विभाग तथा शिविर से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं और लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविरों में राजस्व, पंचायती राज, सामाजिक न्याय, चिकित्सा, कृषि, जलदाय सहित विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से राहत मिल रही है।
