बैठक में जिला कलेक्टर ने जिले के सभी भवन विहीन विद्यालयों की सूची तैयार कर भूमि आवंटन एवं नए भवन निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र उच्च अधिकारियों को भेजने के निर्देश दिए गए। जिन विद्यालयों में बिजली एवं पेयजल कनेक्शन उपलब्ध नहीं हैं, वहां संबंधित विभागों के समन्वय से तत्काल कनेक्शन सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही बोरवेल एवं पाइपलाइन विहीन विद्यालयों की सूची बनाकर आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पंचायती राज विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग (ICDS), स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य लंबित प्रकरणों का आपसी समन्वय से त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने जिले के जर्जर एवं असुरक्षित विद्यालय भवनों की समीक्षा करते हुए जर्जर भवनों की सूची अपडेट करने तथा निर्माणाधीन भवनों का कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों का निरीक्षण कर असुरक्षित भवनों की पहचान करने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान छत एवं दीवारों में दरारें, बीम क्रैक तथा छत से पानी टपकने जैसी समस्याओं की विशेष जांच करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अनुपयोगी भवनों की सूची भी तैयार करने को कहा गया।
उन्होंने बैठक में कम नामांकन वाले विद्यालयों की समीक्षा करने तथा विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में कमरों की कमी वाले विद्यालयों के लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण के प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता जलदाय विभाग धर्मवीर यादव, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग ओमप्रकाश किराड, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार मेघ सहित महिला एवं बाल विकास एवं शिक्षा विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
