शिविर में पीएलवी ऊबनराम द्वारा उपस्थित 20-25 लाभार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध इंटरनेट, कंप्यूटर एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए किया जाता है, जिसमें डेटा चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी और निजी जानकारी का दुरुपयोग शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध के प्रमुख प्रकारों जैसे फिशिंग, हैकिंग, मैलवेयर, वित्तीय धोखाधड़ी, पहचान की चोरी तथा रैनसमवेयर के बारे में विस्तार से समझाया गया। साथ ही बचाव के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया, जिसमें मजबूत पासवर्ड का उपयोग, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA), संदिग्ध लिंक से सावधानी, नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखना शामिल है।
शिविर में यह भी बताया गया कि साइबर अपराध से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है।
इस जागरूकता शिविर का उद्देश्य आमजन को साइबर अपराध के प्रति सतर्क करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना रहा।
