केंद्रीय वन मंत्री श्री यादव ने कहा कि आधुनिक युग में हम रॉकेट बना सकते हैं, चांद पर पहुंच सकते हैं और मोबाइल तैयार कर सकते हैं, लेकिन पेड़ और अनाज केवल धरती माता ही उगा सकती हैं। इसलिए प्रकृति के साथ संतुलित जीवन शैली अपनाना आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज गांवों में हरियाली की जगह प्लास्टिक का उपयोग बढ़ता जा रहा है, जो भूमि को जहरीला और बंजर बना रहा है। ऐसे में गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने की सोच के साथ इस मुहिम को आगे बढ़ाना चाहिए।उन्होंने डेयरी क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि सरस डेयरी के क्षेत्र में राज्य सरकार और एनडीडीबी के सहयोग से लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से 5.5 लाख लीटर क्षमता का संयंत्र स्थापित किया जाएगा। अलवर जिले में डेयरी क्षेत्र में हुए सुधारों के परिणामस्वरूप सरस डेयरी ने एक ही दिन में 3,67,000 लीटर दूध एकत्रित कर नया रिकॉर्ड कायम किया है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब पशु नस्ल सुधार और चारा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि डेयरी क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय वन मंत्री द्वारा फतेहाबाद गौशाला में बने नए कमरों का उद्घाटन भी किया।
कार्यक्रम के दौरान जिला प्रमुख बलबीर छिल्लर, पूर्व विधायक रामहेत यादव, पूर्व विधायक मुंडावर मंजीत चौधरी, पूर्व विधायक अलवर ग्रामीण जयराम जाटव, सरस बोर्ड डेयरी चेयरमैन नितिन सांगवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
