खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार ने बताया कि जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों के खाद्य पदार्थ “असुरक्षित” एवं “अवमानक” श्रेणी में पाए गए। इनमें भिवाड़ी स्थित गोल्डन ट्यूलिप होटल का पनीर एवं दही, विनोद बिग बाजार भिवाड़ी का सप्तऋषि ब्रांड सिंघाड़ा आटा, तथा रोशन लाल एंड ब्रदर्स तिजारा का मास्टर जी ब्रांड गुलाब शरबत शामिल हैं।
इसके अलावा मैसर्स वेद प्रकाश किराना स्टोर बुढी बावल का लाल मिर्च पाउडर, तिरुपति गेट टूगेदर रेस्टोरेंट भिवाड़ी का पनीर, यादव फूड सप्लाई एंड बेवरेज भिवाड़ी का रसगुल्ला छेना, आदिल पालपुर तिजारा एवं कृष्ण भोजराजका कोटकासिम का मिश्रित दूध, आनंद डेयरी खैरथल का घी (लूज), श्री राधा रानी मिष्ठान भंडार हरसोली का बेसन लड्डू, परम स्वीट्स एंड स्नैक्स एवं ब्लेसिंग द फूड जंक्शन भिवाड़ी की मिठाइयां, अशोक स्वीट्स हाउस बहादुरपुर का कलाकंद, बल्लभगढ़ कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर यूनियन खैरथल एवं पवन डेरी लोहादरा का दूध, शर्मा स्वीट्स कोटकासिम एवं राजेंद्र मिष्ठान भंडार तिजारा का पनीर, चाहत किराना स्टोर खैरथल का लाल मिर्च पाउडर तथा हरिओम मिष्ठान भंडार तिजारा का कलाकंद भी जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इन सभी मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ न्यायालयीन प्रक्रिया के माध्यम से जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट ने कहा कि आगामी होली एवं शादी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत दूध, मावा, मिठाई, मसाले, पेय पदार्थ एवं अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर जांच की जाएगी, ताकि आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं मिलावट या संदिग्ध खाद्य पदार्थ की जानकारी मिले तो तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। विभाग द्वारा मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


