![]() |
| देवराज मीणा |
क्या है पूरा मामला?
शाम करीब 4 बजे सोनू अपने साथी रामौतार के साथ मोटरसाइकिल से मौके पर पहुंचे, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने जबरन उन्हें एक सिल्वर रंग की कार में बैठाकर अपहरण कर लिया।
कुछ समय बाद अपहृत सोनू के मोबाइल फोन से परिजनों को कॉल कर 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई।
दर्ज हुआ मुकदमा
रिपोर्ट के आधार पर थाना कोटकासिम में मुकदमा संख्या 54/2026 धारा 140(3) बीएनएस के तहत दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व वृत्ताधिकारी किशनगढ़-बास के सुपरविजन में विशेष टीम गठित की गई।
तकनीकी साक्ष्य और पारंपरिक पुलिसिंग के समन्वय से पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा अपहृत सोनू को सकुशल दस्तयाब कर लिया। घटना में प्रयुक्त बलेनो कार भी जब्त कर ली गई।
गिरफ्तार आरोपी
- अनिल पुत्र शिवलाल (33 वर्ष), निवासी भंडोली, जिला पलवल (हरियाणा)
- प्रदीप पुत्र देवीराम (30 वर्ष), निवासी कुलेना, थाना चांदहट, जिला पलवल
- धर्मवीर पुत्र घनश्याम (30 वर्ष), निवासी मकसूदपुर, थाना चांदहट, जिला पलवल
- प्रदीप पुत्र श्योराज (29 वर्ष), निवासी अमरपुर, थाना चांदहट, जिला पलवल
- नरेंद्र पुत्र अंतराम (31 वर्ष), निवासी बलई, थाना चांदहट, जिला पलवल
पुलिस टीम
थानाधिकारी जसवंत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम में हेड कांस्टेबल दौलतराम, बस्तीराम, हंसराज, शुभराम, कांस्टेबल प्रहलाद, सुनील (साइबर सेल) सहित अन्य जवान शामिल रहे।
यह कार्रवाई जिले में अपराधियों के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और फिरौती जैसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
