बाबा साहेब ने अपने अथक संघर्ष, अदम्य साहस और दूरदर्शिता से भारत को एक ऐसा संविधान दिया, जो हर नागरिक को समान अधिकार, गरिमा और न्याय का भरोसा देता है।
उनका सम्पूर्ण जीवन समाज के उन वर्गों के लिए समर्पित था, जिन्हें सदियों से अधिकारों से वंचित रखा गया।
उन्होंने न सिर्फ शिक्षा की क्रांति लाई, बल्कि आत्मसम्मान और सामाजिक जागरूकता की ऐसी ज्योति जलाई जो आज भी जल रही है और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देती रहेगी।
आज का दिन हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि
हम बाबा साहेब के आदर्शों पर चलकर भेदभाव, अन्याय और असमानता के खिलाफ आवाज उठाएँगे,
और एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान देंगे जहाँ हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर मिले।
बाबा साहेब का विचार अमर है, उनकी प्रेरणा अमर है। इन्हीं विचारों के बाबा साहेब को याद किया, इस अवसर पर श्री चेतराम अध्यापक जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया, इस अवसर पर राजबीर कटारिया, राकेश, कप्तान सिंह आर्य, हिरालाल, दीपक, हरिश, जयलाल, राजेश , सोनु कटारिया, योगेश, कृष्ण लाहडोदिया, हेमसिह कटारिया ( भीमसेना जिला अध्यक्ष), नरेंद्र कटारिया, होशियार सहित समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
