तिनिकीरूड़ी गांव में ट्रांसफार्मर समस्या उठाने वाले पूर्व उपचेयरमैन पर सवाल, जलभराव की असली समस्या पर चुप्पी क्यों?

तिनिकीरूड़ी गांव में ट्रांसफार्मर समस्या उठाने वाले पूर्व उपचेयरमैन पर सवाल, जलभराव की असली समस्या पर चुप्पी क्यों?
नगर पालिका मुंडावर के तिनिकीरूड़ी गांव में स्ट्रीट लाइटें तो लगी हुई हैं, लेकिन उनका ट्रांसफार्मर मात्र 5 किलोवाट का होने के कारण बार-बार खराब हो जाता है। पूर्व उपचेयरमैन महोदय ने यह कहते हुए नाराज़गी जताई है कि उन्होंने कई बार लोगों को चेताया था कि मोहल्ले की टंकियां फेल होने पर घरेलू बिजली स्ट्रीट लाइट लाइन में न लगाई जाए, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार इसी लापरवाही के कारण ट्रांसफार्मर पर अतिरिक्त भार पड़ता है और पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है।

लेकिन दूसरी ओर गांव के लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि पूर्व उपचेयरमैन महोदय सिर्फ ट्रांसफार्मर और स्ट्रीट लाइट मुद्दे तक ही क्यों सीमित हैं, जबकि तिनिकीरूड़ी गांव की सबसे बड़ी और पुरानी समस्या—रास्तों में भरे पानी और जल निकासी—पर उन्होंने कभी कोई आवाज नहीं उठाई?

गांव में लंबे समय से रास्ते कीचड़ और गंदे पानी से भरे पड़े हैं, लोगों का आना-जाना मुश्किल हो चुका है, मगर इस गंभीर समस्या पर पूर्व उपचेयरमैन की ओर से न कोई बयान, न शिकायत, न ही कोई पहल देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि “जब पूरा गांव पानी में डूबा हुआ है, तब सिर्फ स्ट्रीट लाइट का मुद्दा उठाना जनता की असली समस्या से ध्यान हटाने जैसा है।”

पूर्व उपचेयरमैन महोदय ने स्वयं भी यह स्पष्ट किया है कि उनका मुद्दा सिर्फ ट्रांसफार्मर और स्ट्रीट लाइट लाइन तक सीमित है, जबकि जलभराव जैसी महत्वपूर्ण समस्या पर उनकी कोई टिप्पणी नहीं है। इस चुप्पी ने ग्रामीणों के बीच नाराजगी और सवाल दोनों बढ़ा दिए हैं।

Tara Chand Khoydawal

संस्थापक:- मजदूर विकास फाउंडेशन,संपादक:- प्रगति न्यूज़,लेखक, न्यूज़ के लिए सम्पर्क करें 8503000882

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने