नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सरकार का कहना है कि राष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए तय की गई समय-सीमा संवैधानिक अस्थिरता को बढ़ावा दे सकती है।
सरकार ने तर्क दिया कि यह आदेश संविधान में हस्तक्षेप के समान है और इससे शक्तियों के विकेंद्रीकरण पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। केंद्र का मानना है कि ऐसी स्थिति से शासन व्यवस्था में जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
📌 इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई 19 अगस्त से शुरू होगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
