प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया में उनकी भूमिका एवं दायित्वों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं, कानून-व्यवस्था, संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी, मतदान दलों के साथ समन्वय तथा मतदान दिवस पर उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट को अपने-अपने क्षेत्र में मतदान केंद्रों का पूर्व निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेने, मतदान केंद्र तक पहुंच मार्ग, बिजली, पेयजल, छाया, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मतदान दिवस पर मतदान प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के लिए कहा गया।
प्रशिक्षण में ईवीएम एवं मतदान प्रक्रिया, आदर्श आचार संहिता, कानून-व्यवस्था, शिकायतों के त्वरित निस्तारण तथा निर्वाचन संबंधी प्रपत्रों और रिपोर्टिंग प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्र में निर्वाचन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखते हुए आपसी समन्वय से कार्य करें।
जिला निर्वाचन अधिकारी अतुल प्रकाश ने कहा कि नगर निकाय चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सभी अधिकारी निर्वाचन आयोग के निर्देशों एवं निर्धारित प्रोटोकॉल की पूर्ण पालना सुनिश्चित करते हुए निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करें।
इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी शिवपाल जाट सहित जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट उपस्थित रहे।
