कार्यक्रम में श्री सुयश, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, मुंडावर ने छात्र-छात्राओं को शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा स्वयं अपनी सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों को अच्छे स्पर्श (Good Touch) और बुरे स्पर्श (Bad Touch) के बीच का अंतर सरल भाषा में समझाते हुए किसी भी अनुचित व्यवहार की जानकारी तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को देने का संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यालय में "कोर्ट वाली दीदी" नाम से सुझाव एवं शिकायत पेटी स्थापित कर उचित स्थान पर लगवाई गई। साथ ही विद्यार्थियों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जूनियर लीगल लिटरेसी क्लब का भी गठन किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 400 छात्र-छात्राओं, विद्यालय स्टाफ, न्यायालय कार्मिक आरती मीणा, पीएलवी पवन कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे। संस्था प्रधान को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए उनके प्रभावी पालन हेतु अवगत कराया गया। कार्यक्रम के अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया गया।


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