सर्वेश गुप्ता ने अपनी पोस्ट में लिखा कि खैरथल की जनता ने बदलाव और कांग्रेस की नीतियों पर विश्वास जताया है तथा वह हर वोटर के सम्मान की रक्षा पूरी निष्ठा से करेंगे। उन्होंने लोगों से भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील भी की है।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा हैं, तो सर्वेश गुप्ता की ओर से सभापति पद को लेकर इस तरह का संदेश क्यों दिया जा रहा है? क्या यह व्यक्तिगत दावेदारी है या कांग्रेस के भीतर किसी दूसरे गुट का संकेत?
दूसरी ओर भाजपा की ओर से विक्रम सिंह उर्फ विक्की चौधरी के सामने आने के बाद मुकाबला और अधिक दिलचस्प हो गया है। विक्रम चौधरी के कांग्रेस से भाजपा में जाने और 11 कांग्रेस पार्षदों को साथ लाने के दावे की भी रिपोर्ट सामने आई है।
अब बड़ा सवाल: क्या ओमप्रकाश रोघा और सर्वेश गुप्ता के बीच सभापति पद को लेकर अंदरूनी मुकाबला है, या सर्वेश की पोस्ट केवल व्यक्तिगत राजनीतिक संदेश है? इसका स्पष्ट जवाब कांग्रेस नेतृत्व या संबंधित प्रत्याशियों के आधिकारिक बयान से ही सामने आएगा।
