बागोड़ा/खानपुर मेवान, 22 अगस्त। एमिड संस्था एवं एजे डब्ल्यू एस फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘बेहतर कल के लिए पहल’ परियोजना के अंतर्गत शनिवार को कस्तूरबा आवासीय विद्यालय बागोड़ा एवं कस्तूरबा आवासीय विद्यालय खानपुर मेवान में नामांकित बालिकाओं के लिए जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम एमिड संस्थान के सचिव नूर मोहम्मद के निर्देशन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में एमिड संस्थान की डिप्टी डायरेक्टर श्रीमती आशा नारंग ने बालिकाओं को संस्था के कार्यों एवं उद्देश्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एमिड संस्था पिछले 26 वर्षों से मेवात क्षेत्र में बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और अब तक करीब 19 हजार बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर चुकी है।
उन्होंने बताया कि किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ने वाली बालिकाओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के माध्यम से 10वीं एवं 12वीं के फॉर्म भरवाए जाते हैं। 12वीं के बाद बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज में प्रवेश दिलाने के साथ-साथ छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने में भी संस्था सहयोग करती है।
किशोरावस्था में होने वाले बदलावों की दी जानकारी
एमिड संस्थान की समन्वयक पूनम गुप्ता ने बालिकाओं के साथ जीवन कौशल सत्र आयोजित किया। उन्होंने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बदलावों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में शरीर में होने वाले आंतरिक एवं बाहरी परिवर्तन प्राकृतिक प्रक्रिया हैं, इसलिए बालिकाओं को इन बदलावों को लेकर डरने या झिझकने की आवश्यकता नहीं है।
सत्र के दौरान ‘किशोर अवस्था में कदम’, ‘लिंग भेदभाव क्या है’ और ‘लिंग भेदभाव को लेकर हमारे विचार कहां से आते हैं’ जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। बालिकाओं को अपने शरीर में होने वाले परिवर्तनों को समझने तथा व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
करियर के विभिन्न अवसरों की दी जानकारी
एमिड संस्थान के प्रबंध निदेशक शाहरूख नूर ने बालिकाओं को करियर परामर्श देते हुए 10वीं एवं 12वीं के बाद उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बालिकाएं अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विभिन्न डिप्लोमा एवं प्रोफेशनल कोर्स कर बेहतर करियर बना सकती हैं।
उन्होंने वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता पर भी जोर दिया। बालिकाओं को विभिन्न डिजिटल पाठ्यक्रमों एवं तकनीकी शिक्षा के माध्यम से भविष्य में रोजगार और करियर के नए अवसर प्राप्त करने के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल भाषा में जवाब दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें अपने भविष्य, स्वास्थ्य, अधिकारों और करियर के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना रहा।
इस अवसर पर एमिड संस्थान के कार्मिक जुमर खान, हारून खान एवं पिंकी सहित विद्यालय स्टाफ एवं बालिकाएं मौजूद रहीं।
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