एमिड संस्था के सचिव नूर मोहम्मद ने कहा कि मेवात में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। आज भी कई बालिकाएं विभिन्न कारणों से शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित हैं। उन्होंने शिक्षा पंचायत को मजबूत कर अधिक लोगों को जोड़ने और गांव-गांव में बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
मेवात शिक्षा पंचायत के संयोजक सेवा सिंह मूसाखेड़ा ने कहा कि वर्ष में दो बार आयोजित होने वाली ब्लॉक स्तरीय बैठक में गांवों की शैक्षिक समस्याओं पर चर्चा कर सामूहिक समाधान तलाशा जाता है। जसमाल चोरबसई ने बताया कि संस्था के प्रयासों से कई बालिकाएं दोबारा शिक्षा से जुड़ी हैं।
सदस्य जुहेर खान रानोली ने बताया कि एमिड संस्था ड्रॉपआउट बालिकाओं को राजस्थान ओपन स्कूल के माध्यम से दसवीं एवं बारहवीं की पढ़ाई पूरी करने का अवसर उपलब्ध करा रही है तथा आगे कॉलेज शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करती है।
एमिड संस्था के मैनेजिंग डायरेक्टर शाहरूख नूर ने बताया कि संस्था पिछले 26 वर्षों से मेवात में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही है। संस्था बालिकाओं को ओपन स्कूल, उच्च शिक्षा एवं छात्रवृत्ति से जोड़ने में सहयोग करती है।
डिप्टी डायरेक्टर आशा नारंग ने बताया कि कार्यशाला में गांववार शैक्षिक समस्याओं की पहचान कर समाधान की योजना बनाई गई। सदस्यों को उपसमूहों में विभाजित कर चार्ट के माध्यम से समस्याओं एवं उनके समाधान पर चर्चा कर प्रस्तुतीकरण कराया गया। उन्होंने बताया कि राजस्थान ओपन स्कूल के आवेदन जारी हैं, जिससे शिक्षा से वंचित बालिकाएं अपनी पढ़ाई पूरी कर सकती हैं।
प्राचार्य नईमा नूर ने बालक-बालिकाओं को समान रूप से शिक्षा दिलाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में जुमर खान, हारून, पिंकी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यशाला में सभी सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने सुझाव साझा किए।
