अयोध्या, 13 जून। अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मंदिर में चढ़ावे की राशि गिनने से जुड़े कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर पर छापेमारी कर करीब 10 से 12 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। यह कार्रवाई अयोध्या के रुदौली क्षेत्र स्थित उनके आवास पर की गई।
जानकारी के अनुसार, लवकुश मिश्रा उन कर्मचारियों में शामिल था जिन्हें मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली राशि की गणना का दायित्व सौंपा गया था। सूत्रों का दावा है कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा संदेह के आधार पर दो कर्मचारियों को पूछताछ के लिए रोका गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
मामला तब चर्चा में आया जब समाजवादी पार्टी के नेताओं द्वारा राम मंदिर के चढ़ावे से लगभग 5 से 7 करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी का आरोप लगाया गया। आरोपों के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि मामले की सच्चाई सामने लाने और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराई जानी चाहिए।
इधर, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में एक जनहित याचिका (PIL) भी दायर की गई है, जिसमें मामले की सीबीआई जांच और मंदिर में प्राप्त चढ़ावे का ऑडिट कराने की मांग की गई है। याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस विवाद से स्वयं को अलग बताते हुए कहा है कि उनकी जिम्मेदारी केवल निर्माण कार्यों की निगरानी तक सीमित है। दूसरी ओर, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पहले कहा था कि ऑडिट प्रक्रिया जारी है और अब तक किसी बड़ी वित्तीय गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल बरामद नकदी का कथित चढ़ावा गड़बड़ी से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी जांच जारी है। मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है और श्रद्धालुओं की नजर अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
