आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
इस धार्मिक आयोजन में फ़ौलादपुर, सानोली, ईश्वरसिंहपुरा, जालावास, मोलावास, नीमराणा, काली पहाड़ी, भुनगड़ा अहीर, करनीकोट, मुंडनवाड़ा कलां एवं खुर्द सहित आसपास के समस्त ग्रामवासियों का विशेष सहयोग रहा।
मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं ने बताया कि महाराज श्री फूलनाथ जी के सानिध्य एवं प्रेरणा से इस मंदिर का निर्माण किया गया, जिसने क्षेत्र के लोगों को भाईचारे और सामाजिक एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया है। एक समय में यह स्थान असामाजिक तत्वों का अड्डा माना जाता था, लेकिन आज यह क्षेत्र श्रद्धा, आस्था और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
वर्तमान में यहां नियमित रूप से धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हुआ है। भंडारे के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला तथा सभी ने आपसी सौहार्द, भाईचारे और धार्मिक आस्था को मजबूत करने का संदेश दिया।

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