इमरान खान ने कहा कि जब उन्होंने अवैध रूप से संचालित कंपनी के खिलाफ सख्ती दिखाई और उसे खुलवाने का प्रयास किया, तो तहसीलदार महोदय नाराज हो गए और उनके मकान तक तोड़ने की बात कह दी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जिम्मेदार नागरिक जनहित में अवैध गतिविधियों की जानकारी देते हैं, तो उनके साथ इस तरह का व्यवहार कितना उचित है।
उन्होंने बताया कि दूसरी ओर एडीएम, एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने अवैध फैक्ट्री पकड़वाने में सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया। उनका कहना है कि वे जनता की सुरक्षा और भलाई के लिए कार्य कर रहे हैं और यदि प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे संवैधानिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
इमरान खान ने माननीय सांसद और विधायक से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारी के व्यवहार की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को डराना-धमकाना उचित नहीं है और ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
(नोट: इस संबंध में प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।)
क्या इस तरह के बर्ताव ठीक है गलती किसकी है?
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