
किशनगढ़ बास (अलवर) समाज में आत्मनिर्भरता और प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए श्री जाटव समाज संस्थान के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र रसगोन के पुत्र द्वारा “शु क्लब” के नाम से एक नये व्यावसायिक प्रतिष्ठान की शुरुआत की गई। यह उद्घाटन कार्यक्रम लाख्यानी मार्केट, किशनगढ़ बास में बौद्ध नीति और आचार-विचार के अनुरूप संपन्न हुआ।
🎗️ सम्मान समारोह
इस शुभ अवसर पर किशनगढ़ बास विधायक दीपचंद खैरिया, प्रधान बी.पी. सुमन, तथा कांग्रेस नेता गिरीश डाटा सहित कई जनप्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का साफा व माला पहनाकर सम्मान किया गया।
साथ ही श्री जाटव समाज संस्थान के सचिव अध्यापक रघुवीर सिंह का भी विशेष स्वागत किया गया।
🌿 बुद्ध नीति से प्रेरित व्यापार
“शु क्लब” केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और आर्थिक स्वावलंबन का प्रतीक है।
आयोजन में वक्ताओं ने कहा कि जब व्यवसाय “सम्यक दृष्टि, सम्यक कर्म और सम्यक आजीविका” के सिद्धांतों पर आधारित होता है, तब वह केवल लाभ का माध्यम नहीं बल्कि समाज सुधार का मार्ग बन जाता है।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जिस “शिक्षित बनो, संगठित बनो और संघर्ष करो” का नारा दिया, उसी का व्यावहारिक रूप “शु क्लब” जैसे उपक्रमों में दिखता है — जहाँ शिक्षा, संगठन और स्वावलंबन एक साथ चलते हैं।
🌻 समाज के लिए प्रेरणा
यह आयोजन बहुजन समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है कि बुद्ध के सिद्धांतों पर चलकर, सत्य और नीति से जुड़कर भी व्यावसायिक सफलता प्राप्त की जा सकती है।
समाज के युवाओं ने इस अवसर को नई ऊर्जा और दिशा के रूप में देखा।
इस उद्घाटन समारोह ने यह सिद्ध किया कि जब व्यवसाय धम्म और नैतिकता से जुड़ता है, तब वह केवल व्यापार नहीं — बल्कि समाज निर्माण का साधन बन जाता है।
“शु क्लब” इसी विचार का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
जय भीम — जय भारत — बुद्धं शरणं गच्छामि।


