मुंडावर उपखण्ड स्थित इन्द्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय में एनएसएस यूनिट और रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान और कार्यक्रम प्रभारी शिक्षाविद अभिनव शर्मा के निर्देशन में संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस के उपलक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र संघ और वैश्विक परिदृश्य में उसकी भूमिका विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए शिक्षाविद एवं गांधीवादी विचारक डॉ. डी. आर. शर्मा ने कहा कि 24 अक्टूबर सन 1945 में संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना विश्व में शांति, सौहार्द, प्रेम और भाई-चारे के उद्देश्य से की गई थी, इसके द्वारा विश्व में शांति की स्थापना के लिए अनेक सकारात्मक पहल की गई हैं, लेकिन विगत अनेक वर्षों से यह दृष्टिगोचर हो रहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना जिस उद्देश्य को लेकर की गई थी, उस उद्देश्य में वह सफल नहीं रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ संप्रति अपनी प्रासंगिकता खो चुका है, क्योंकि अनेक देशों में अभी भी आतंकवाद, भूख, भ्रष्टाचार और गरीबी व्याप्त है। अनेक देशों में आज भी मानवता और लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन किया जा रहा है, संयुक्त राष्ट्र संघ इन सब परिस्थितियों के मद्देनजर मूकदर्शक बना हुआ है। संयुक्त राष्ट्र संघ को अंतरराष्ट्रीय जगत में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इसके द्वारा विश्व में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रावधान निर्धारित किए जाते हैं। सन 1948 में यूएनओ के द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की गई और अंतरराष्ट्रीय कानून निर्मित किए गए। इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर डॉ. प्रेमलता शर्मा, नेहा चौधरी, नीतू चौधरी, मनीषा यादव, अंशु यादव, अंशु मेघवाल, अंजू कश्यप, रिया और रीना सहित अनेक छात्राओं और स्वयंसेविकाओं के द्वारा अपने विचार रखे गए।
इंद्रप्रस्थ कॉलेज में एनएसएस यूनिट के तत्वावधान में संयुक्त राष्ट्र संघ और वैश्विक परिदृश्य में उसकी भूमिका विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन
