गरीबों की सेवा ही धर्म: खैरथल सैटेलाइट हॉस्पिटल के पूरण आर्य बने इंसानियत की मिसाल, श्यामाका में हुए सम्मानित

खैरथल। जहां एक ओर सरकारी अस्पतालों में स्टाफ की कमी अक्सर स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करती है, वहीं खैरथल के सैटेलाइट हॉस्पिटल में कार्यरत पूरण आर्य इन चुनौतियों के बीच भी अपनी सेवा भावना से अलग पहचान बना रहे हैं। सीमित संसाधनों और दबाव के बावजूद वे हर मरीज के प्रति समर्पण और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

पूरण आर्य भली-भांति जानते हैं कि सरकारी अस्पताल गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के लिए जीवन रेखा होते हैं। यही कारण है कि वे हर जरूरतमंद मरीज की पीड़ा को समझते हुए उसे बेहतर उपचार और सहयोग देने का प्रयास करते हैं। खुद के संघर्षपूर्ण जीवन अनुभवों ने उन्हें संवेदनशील बनाया है, जिससे वे मरीजों के साथ मानवीय व्यवहार और सहानुभूति के साथ पेश आते हैं।

उनकी निस्वार्थ सेवा और कर्तव्यनिष्ठा ने उन्हें समाज में एक अलग पहचान दिलाई है। मरीजों और उनके परिजनों के बीच वे भरोसे का नाम बन चुके हैं।

हाल ही में ग्राम श्यामाका में आयोजित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति अनावरण के सामाजिक कार्यक्रम में पूरण आर्य को उनके उत्कृष्ट सेवाकार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बताया।

आज के दौर में जब सेवा से ज्यादा सुविधा को महत्व दिया जा रहा है, ऐसे में पूरण आर्य जैसे कर्मठ व्यक्ति यह साबित कर रहे हैं कि सच्ची सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।

Tara Chand Khoydawal

संस्थापक:- मजदूर विकास फाउंडेशन,संपादक:- प्रगति न्यूज़,लेखक, न्यूज़ के लिए सम्पर्क करें 8503000882

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