यह रैली आज शाम 6 बजे भगत सिंह स्टेच्यू से शुरू होकर मुख्य बाजार मार्ग से होते हुए पुरानी अनाज मंडी स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर तक निकाली जाएगी। संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया कि यह जुलूस सरकार को जगाने का प्रतीक होगा और तब तक आंदोलन जारी रहेगा जब तक खैरथल को जिला घोषित नहीं किया जाता।
संघर्ष समिति का कहना है कि सरकार द्वारा लगातार चुप्पी साधे रखना जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। समिति ने आरोप लगाया कि इतने लंबे समय से धरना और शांतिपूर्ण आंदोलन चल रहा है, फिर भी सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने संवाद की पहल नहीं की।
जनता की प्रतिक्रिया में लोगों ने कहा कि वे अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस निर्णय चाहते हैं। नगर के व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा बड़ी संख्या में इस मशाल जुलूस में शामिल होंगे। आम लोगों का कहना है कि खैरथल की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या और सुविधाओं की दृष्टि से जिला बनना अब समय की माँग है।
