समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं उपखंड अधिकारी तिजारा सहित सभी उपखंड अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित पेंशन प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में चिकित्सा संस्थानों के निरीक्षण, जनगणना संबंधी कार्यों, सीएलएफ हेतु भूमि चिन्हीकरण, राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों तथा अन्य विभागीय गतिविधियों की समीक्षा की गई। अस्पताल निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने तथा जनगणना कार्य में पाए गए लॉजिकल एरर को सुधारने के निर्देश दिए गए।
जिला कलेक्टर ने राजस्व न्यायालयों में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए सभी उपखंड अधिकारियों को न्यायालयीन फाइलों में अगली तिथि स्वयं अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह भी जांचा जाएगा कि प्रकरणों में तिथि किसके द्वारा दी गई है। साथ ही वास्तविक निर्णय बिंदुओं पर न्यायालयीन प्रक्रिया की विशेष समीक्षा करने के निर्देश दिए।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को वित्तीय कार्यों को समयबद्ध रूप से क्लोज करने के निर्देश देते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि इससे जल जीवन मिशन के अंतर्गत आगामी बजट स्वीकृति में सुविधा होगी तथा योजना को गति मिलेगी।
बैठक में सीएलएफ भवनों के लिए भूमि चिन्हीकरण कर रिपोर्ट कार्यालय को भेजने, कन्वर्जन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, आवेदक स्तर पर लंबित मामलों की जानकारी संबंधित आवेदकों को उपलब्ध कराने तथा गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बॉर्डर होमगार्ड के लिए भूमि चिन्हित करने तथा मुंडावर क्षेत्र के लिए बस आवंटन संबंधी प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश भी दिए गए।
जिला कलेक्टर ने ग्राम सेवा सहकारी समितियों के आवंटन संबंधी सूचनाओं को अद्यतन करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे प्रकरणों की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि समाधान योग्य मामलों को अनावश्यक रूप से उच्च स्तर पर अग्रेषित न हो तथा एल-1 स्तर पर ही अधिकतम मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में 90 दिनों से अधिक समय से लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने प्रत्येक अधिकारी से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर ऐसे मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का विभागीय नियमों के अनुसार समाधान संभव है, उन्हें पोर्टल पर अनावश्यक रूप से लंबित रखने के बजाय नियमानुसार निस्तारित किया जाए।सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश प्रदान किए।
मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर दिए आवश्यक निर्देश
आगामी मानसून एवं संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों एवं स्थानीय निकायों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में सभी नगर निकायों को मानसून से पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जलभराव संभावित क्षेत्रों में तत्काल उपयोग के लिए मड पंप उपलब्ध रखने तथा सर्पदंश जैसी आपात स्थितियों से निपटने हेतु अस्पतालों में एंटीवेनम दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगर निकायों को बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में मिट्टी से भरे बैग (सैंड बैग) तैयार रखने के लिए भी कहा गया। विद्युत विभाग को आंधी-बारिश के दौरान बिजली के खंभे गिरने अथवा अन्य तकनीकी खराबियों की स्थिति में त्वरित मरम्मत एवं विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने को कहा गया।
बैठक में प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं गांव स्तर पर बचाव एवं राहत कार्यों के लिए रस्सी, ट्यूब सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) को ढीले बिजली तारों एवं केबलों को समय रहते दुरुस्त कराने के निर्देश भी प्रदान किए गए।
जिला कलेक्टर ने बताया कि जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित है। इसके साथ ही सभी ब्लॉक स्तरों पर भी कंट्रोल रूम स्थापित कर आपदा संबंधी सूचनाओं एवं त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मानसून अवधि के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आवश्यक संसाधनों एवं मानव बल की उपलब्धता बनाए रखें।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी श्रीमन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट, कोषाधिकारी सुरेश कुमार बंसल, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग ओमप्रकाश किराड़, अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग धर्मवीर यादव, अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग जे.पी. बेरवा, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार मेघ, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामदयाल, एसीएफ संजय चौधरी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक हरिनारायण, महाप्रबंधक उद्योग विभाग अभिनेंद्र सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपखंड अधिकारी मौजूद रहे।
