गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में दलित नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में 'दलित अधिकार केंद्र' की फैक्ट फाइंडिंग, आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और पोक्सो एक्ट के तहत कार्यवाही की मांग।

अलवर। पुलिस थाना गोविंदगढ़ के अंतर्गत एक दलित नाबालिग पीड़िता का अपहरण कर दुष्कर्म करने के अत्यंत गंभीर प्रकरण में 'दलित अधिकार केंद्र' के चार सदस्यीय जांच दल द्वारा जमीनी स्तर पर जांच कर फैक्ट फाइंडिंग की गई। जांच दल ने पीड़िता, पीड़ित परिवार एवं गवाहों के बयान दर्ज कर आवश्यक दस्तावेजों का संकलन किया है। केंद्र के जिला समन्वयक शैलेष गौतम ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 11.05.2026 को घर की छत पर सो रही एक दलित नाबालिग पीड़िता को आरोपी आदिल खान, राहुल खान और अब्दुल्ला खान नशीला पदार्थ सुंघाकर जबरन अपहरण कर ले गए थे। पीड़िता को जब होश आया तो उसने खुद को अलवर में पाया, जिसके बाद आरोपी उसे डरा-धमका कर अपने साथ जयपुर के एक होटल में ले गए। वहां मुख्य आरोपी आदिल खान ने पीड़िता के साथ बार-बार दुष्कर्म करने की घटना को अंजाम दिया, जबकि उसके सहयोगी राहुल खान और अब्दुल्ला खान कमरे के बाहर पहरा दे रहे थे और इस पूरी आपराधिक साजिश में शामिल थे।

इस संबंध में पीड़ित परिवार द्वारा पूर्व में ही अपहरण की प्रथम सूचना रिपोर्ट पुलिस थाना गोविंदगढ़, जिला अलवर में दर्ज करवाई गई थी। इसके उपरांत दिनांक 14.05.2026 को पुलिस थाना गोविंदगढ़ द्वारा पीड़िता को उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस थाना गोविंदगढ़ में जब पीड़ित परिजन पीड़िता से मिले, तब पीड़िता द्वारा इस पूरी घटना के बारे में अपने परिजनों को विस्तार से बताया गया, जिसके बाद ही परिजनों को इस गंभीर घटना का पता चला। प्रकरण में नाबालिग पीड़िता का मेडिकल और बयान दर्ज हो चुके हैं, किंतु अत्यंत खेद का विषय है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी नामजद आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है और न ही पुलिस द्वारा घटनास्थल जयपुर के उक्त होटल का मौका मुआयना किया गया है, जिससे सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नष्ट होने का खतरा बना हुआ है।

दलित अधिकार केंद्र के जांच दल ने पुलिस प्रशासन और सरकार से मांग की है कि सभी नामजद आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए, और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच पत्रावली में पोक्सो एक्ट, अपहरण, दुष्कर्म जैसी विभिन्न धाराओं को सम्मिलित किया जाए। जांच दल ने यह भी मांग की है कि नियमानुसार 60 दिवस के भीतर संपूर्ण जांच पूरी कर संबंधित न्यायालय में चालान पेश किया जाए तथा पीड़िता को नियम 12(4) के अंतर्गत उचित आर्थिक मुआवजा और पीड़ित परिवार को सुरक्षा दिलाई जाए। इसके साथ ही जयपुर के उस होटल का मौका मुआयना कर नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही की जाए। इस जांच दल में केंद्र के जिला समन्वयक शैलेष गौतम, एडवोकेट गिर्राज सिंह गौतम, भीम आर्मी के प्रदेश महासचिव शेरसिंह बौद्ध एवं विवेक कुमारी सम्मिलित रहे। केंद्र जल्द ही अपनी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट उच्च अधिकारियों एवं विभिन्न आयोगों को प्रेषित कर न्यायसंगत कार्यवाही की मांग करेगा।

Tara Chand Khoydawal

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