बैठक में अधिकारियों को प्रतिवर्ष लिंगानुपात में न्यूनतम दो अंकों की वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए। साथ ही संस्थागत प्रसवों में वृद्धि करने तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया। जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वन स्टॉप सेंटर पर एक महिला कांस्टेबल द्वारा ऑन कॉल सहायता सुनिश्चित करने तथा पॉश (POSH) अधिनियम के तहत सभी संबंधित संस्थानों में आंतरिक शिकायत समितियों का गठन करने के निर्देश दिए गए। महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों की सेवाओं की अवधि बढ़ाने तथा उनकी पहुंच अधिक से अधिक महिलाओं तक सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस विभाग एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को संयुक्त रूप से डिकॉय निरीक्षण (Decoy Inspection) आयोजित करने के निर्देश दिए गए। सभी सीडीपीओ को नियमित रूप से ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स बैठकों का आयोजन करने तथा जुलाई माह में नए शैक्षणिक सत्र के आरंभ के साथ आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम को अभियान के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए लाभार्थियों से संवाद स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा लाडो प्रोत्साहन योजना में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारी को तृतीय किश्त से संबंधित पीईईओ स्तर पर लंबित मामलों का निस्तारण करने के लिए भी निर्देशित किया गया।
बैठक में बताया गया कि वन स्टॉप सेंटर 24 घंटे संचालित है, जहां पीड़ित महिलाओं को आवश्यकता अनुसार परामर्श, सहायता एवं अस्थायी संरक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अधिकारियों को इसकी व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए ताकि अधिकाधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
इसके अतिरिक्त महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र को वर्तमान स्थान से महिला थाना परिसर में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिक संख्या में महिलाओं को इन सेवाओं का लाभ सुलभता से प्राप्त हो सके। बैठक में महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा एवं बालिका शिक्षा को लेकर विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिवाड़ी श्रीमन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट, कोषाधिकारी सुरेश कुमार बंसल, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग ओमप्रकाश किराड़, अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग धर्मवीर यादव, अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग जे.पी. बेरवा, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार मेघ, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामदयाल, एसीएफ संजय चौधरी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक हरिनारायण, महाप्रबंधक उद्योग विभाग अभिनेंद्र सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपखंड अधिकारी मौजूद रहे।
