शिकायत में यह भी उल्लेख है कि अगले दिन जब परिजन थाने पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया। बाद में सूचना मिली कि युवक की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों का आरोप है कि युवक को गंभीर चोटें आईं और हालत बिगड़ने पर उसे जयपुर के अस्पताल में रेफर किया गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने अस्पताल में वीडियो बनाने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकाया और वीडियो डिलीट करवाने का प्रयास किया। पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई चौपानकी थाने में 26 अप्रैल 2026 को देर रात दर्ज की गई।
जांच जारी, कार्रवाई की मांग तेज
घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और सामाजिक संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

