एमिड संस्थान के मैनेजिंग डायरेक्टर शाहरूख नूर ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है और यह महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।
संस्थान की डिप्टी डायरेक्टर आशा नारंग ने जानकारी देते हुए बताया कि एमिड संस्थान और AJWS द्वारा संचालित “बेहतर कल के लिए पहल” परियोजना के अंतर्गत किशनगढ़ बास क्षेत्र के 25 गांवों में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया है। प्रत्येक बालिका शिक्षा केंद्र पर आयोजित कार्यक्रमों में लगभग 1000 बालिकाओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक करना इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।
कार्यक्रम में प्रिंसिपल नैमा नूर ने कहा कि एक मकान को घर बनाने में महिला की सबसे बड़ी भूमिका होती है। इसलिए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आगे बढ़ना चाहिए और बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है, खासकर मेवात जैसे क्षेत्र में जहां अभी भी बालिकाओं की शिक्षा पर कम ध्यान दिया जाता है।
कार्यक्रम में बताया गया कि एमिड संस्थान के डायरेक्टर नूर मोहम्मद के प्रयासों से अब तक लगभग 18,000 बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ा जा चुका है। इस अवसर पर कई ऐसी बालिकाओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी थी, लेकिन संस्थान ने उन्हें ओपन शिक्षा के माध्यम से फिर से पढ़ाई से जोड़ा। साथ ही उन महिलाओं को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी बेटियों की शिक्षा के लिए संघर्ष और सहयोग किया।
इस मौके पर मेवात शिक्षा पंचायत के सदस्य वली मोहम्मद ने कहा कि जिस प्रकार पुरुषों को सभी क्षेत्रों में अधिकार प्राप्त हैं, उसी प्रकार महिलाओं को भी समान अधिकार मिलने चाहिए और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर समाज में आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में एमिड संस्थान के समुदाय समन्वयक जुमर खान, हारून खान, पिंकी सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।

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