शकुन्तला रावत ने कहा कि खैरथल को जिला बनाने का निर्णय जनता की सुविधा और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर लिया गया था। यहाँ मंडी भी है, व्यापारिक केंद्र भी और यह पूरे क्षेत्र के लिए सुगम पहुँच का स्थान है। उन्होंने कहा, “सरकार को चाहिए कि जनता के हित में लिए गए निर्णयों को पलटने की बजाय उन्हें और मजबूत बनाए। विकास के फैसले राजनीतिक मतभेदों का शिकार नहीं बनने चाहिए।”
पूर्व मंत्री ने कहा कि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, यही सोचकर खैरथल को जिला बनाया गया था। तो आसपास के गाँवों के लोगों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि “सरकार को जनता की सुविधा के लिए काम करना चाहिए, न कि पिछली सरकार की योजनाओं को नष्ट करने के लिए।”
उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान समय में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प नजर आ रही है। अपराधों में वृद्धि हुई है और आम नागरिक अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार को चाहिए कि वह विपक्ष को दोष देने के बजाय जनता की तकलीफों पर ध्यान दे।अपने संबोधन के दौरान शकुन्तला रावत ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए कहा, “अटल जी कहा करते थे कि पूर्व सरकार ने बहुत अच्छे कार्य किए हैं, मैं उनमें और सुधार करूंगा।” उन्होंने कहा कि आज की राजनीति को अटल जी की इसी सकारात्मक सोच से प्रेरणा लेनी चाहिए, ताकि विकास की निरंतरता बनी रहे और जनता को वास्तविक लाभ मिल सके।
धरनास्थल पर उपस्थित नागरिकों ने शकुन्तला रावत का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके वक्तव्य का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि क्षेत्र की जनता के सम्मान और सुविधा का आंदोलन है।