रैली के दौरान झांकियों के माध्यम से शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया गया। महात्मा फुले द्वारा दलितों, महिलाओं एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए किए गए कार्यों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे लोगों में जागरूकता बढ़े और समाज में सकारात्मक बदलाव आए।
कार्यक्रम के दौरान जाटव समाज के गणमान्य लोगों ने रैली में भाग ले रहे प्रतिभागियों का पुष्प वर्षा एवं फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया। यह दृश्य सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक बना। इस अवसर पर मजदूर विकास फाउंडेशन के संस्थापक ताराचन्द खोयडावाल, रघुवीर सिंह (अध्यापक), महेंद्र सिंह (PTI), गोपी राम, लक्ष्मी नारायण, लोकेश टोनी, ललित जाजोरिया, शिवचरण, गुलशन कुमार नीरज जारवाल, अनिल जारवाल, कुलदीप जाटव सहित भीम आर्मी के पदाधिकारी व जाटव समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने महात्मा फुले के विचारों को अपनाने और समाज में समानता स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज भी समाज को उनके दिखाए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है।
शिक्षा ही वह शक्ति है जिससे हम अपने अधिकारों को पहचान सकते हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।”
उनका यह विचार आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना उनके समय में था। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि समाज में शिक्षा, समानता और भाईचारे को बढ़ावा देकर ही सच्चे अर्थों में महात्मा फुले को श्रद्धांजलि दी जा सकती है।

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