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भाजपा सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ NSUI का जोरदार प्रदर्शन — मुख्यमंत्री भजनलाल का पुतला दहन

भाजपा सरकार के तानाशाही रवैये के खिलाफ NSUI का जोरदार प्रदर्शन — मुख्यमंत्री भजनलाल का पुतला दहन

किशनगढ़बास, 7 अक्टूबर 2025, 
राजस्थान में छात्र राजनीति और युवाओं के बीच एक बार फिर आक्रोश की लहर देखने को मिली। NSUI के प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़ और उनके साथियों पर भाजपा सरकार द्वारा कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल भेजे जाने के विरोध में आज किशनगढ़बास में NSUI कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।

युवा नेता कमल सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता तोप सर्किल पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश में छात्र आवाज़ को दबाने की साजिश रच रही है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है।

युवाओं ने जताया आक्रोश

प्रदर्शन स्थल पर मौजूद युवा कार्यकर्ताओं ने कहा कि NSUI हमेशा छात्रों के हक और शिक्षा में पारदर्शिता की बात करती रही है, लेकिन सरकार लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाने वालों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेज रही है।
युवा नेता कमल सिंह ने कहा कि विनोद जाखड़ जैसे निष्पक्ष और छात्रहितैषी नेता पर झूठे आरोप लगाना भाजपा सरकार की हताशा को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सरकार ने मुकदमे वापस नहीं लिए तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा हुए शामिल

इस विरोध प्रदर्शन में संजय पटेल, युवा नेता देवी सिंह, मनीष सांवरिया, राजन कुमार, अक्षय कुमार, गिर्राज, रफीक खान, मिश्रीलाल, जगदीश उर्फ जग्गा, विजय सिंह, पुष्पेंद्र रॉय, बाबूलाल सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।
कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर “लोकतंत्र बचाओ – NSUI के साथ न्याय करो” के नारे लगाए। पुतला दहन के बाद पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया, जिससे किसी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके।

सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज़ से डर गई है। छात्र संगठनों को दबाने की यह कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
कमल सिंह ने कहा कि NSUI का हर कार्यकर्ता सच्चाई और न्याय के साथ खड़ा रहेगा, और विनोद जाखड़ सहित सभी नेताओं को जल्द रिहा कराने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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