जयपुर, 12 सितंबर 2026। बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़) विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बलजीत यादव जयपुर सेंट्रल जेल में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने जेल में मोबाइल फोन मिलने के आरोप में दर्ज एफआईआर को पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और राजनीतिक दबाव में दर्ज कराया गया बताया है।बलजीत यादव विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमएलए फंड) के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फरवरी 2026 से जेल में बंद हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) इस मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि 2021-22 के दौरान बहरोड़ क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीद के नाम पर करीब 3.72 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था।
मोबाइल मिलने का विवाद
9 सितंबर 2026 को जयपुर सेंट्रल जेल में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जेल प्रशासन के अनुसार वार्ड नंबर-5 में तलाशी के दौरान बलजीत यादव के पास कैचोडा कंपनी का मोबाइल फोन मिला, जिसे उन्होंने जमीन पर बिछाए कंबल के नीचे छुपा रखा था। मोबाइल जब्त कर लालकोठी थाने में प्रिजन्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई।
बलजीत यादव का पक्ष
बलजीत यादव ने मोबाइल मिलने की बात सिरे से खारिज कर दी है। उनके अनुसार:
- उनके बैरक और वार्ड में कोई तलाशी ही नहीं हुई।
- जिस समय मोबाइल मिलने का दावा किया जा रहा है, उस वक्त वे जेल के डॉक्टर करण के पास अपना ब्लड प्रेशर और शुगर चेक करवा रहे थे।
- वास्तव में मोबाइल वार्ड नंबर-5 के पीछे सार्वजनिक शौचालय में लावारिस हालत में पड़ा मिला था।
- जेल प्रशासन ने राजनीतिक दबाव और उनकी छवि खराब करने की नीयत से बिना किसी ठोस सबूत के उनका नाम इस केस में जोड़ दिया।
इसी विरोध में उन्होंने जेल प्रशासन को लिखित सूचना देकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक फर्जी मुकदमे की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
संदीप यादव की मुलाकात और डीजीपी को पत्र
बहरोड़ के तसिंग गांव के निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि और ‘टीम बलजीत यादव’ के प्रवक्ता संदीप यादव ने 11 सितंबर को जेल में बलजीत यादव से करीब 20 मिनट मुलाकात की। मुलाकात के बाद संदीप यादव के जरिए ही बलजीत यादव ने राजस्थान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और जेल महानिदेशक को पत्र भिजवाया।पत्र में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
- जयपुर सेंट्रल जेल परिसर, अस्पताल मार्ग और टॉयलेट के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जांच अधिकारी को सौंपी जाए।
- घटना के समय बलजीत यादव की मौजूदगी डॉक्टर के पास होने की पुष्टि सीसीटीवी से की जाए।
- घटना के समय आसपास मौजूद अन्य बंदियों के निष्पक्ष बयान दर्ज किए जाएं।
- कथित फर्जी एफआईआर (संख्या 0191/2026) की निष्पक्ष जांच कर पूर्व विधायक को राहत दी जाए।
जेल प्रशासन का रुख
जेल अधिकारियों का कहना है कि बलजीत यादव का भूख हड़ताल संबंधी पत्र मिला है। उन्हें समझा-बुझाकर मनाया गया है और मामले की उचित जांच का आश्वासन दिया गया है। मोबाइल की सीडीआर जांच भी चल रही है। हालांकि बलजीत यादव के समर्थकों का दावा है कि वे अभी भी भूख हड़ताल पर हैं।यह विवाद राजस्थान निकाय चुनावों के आसपास सामने आने से क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की नजर राजस्थान पुलिस और जेल प्रशासन पर टिकी है कि सीसीटीवी फुटेज की जांच कितनी जल्द और निष्पक्ष तरीके से कराई जाती है।
