कानूनी सलाहकार साक्षी बावलिया ने कार्यक्रम में बालिकाओं एवं किशोरियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने, सैनिटरी पैड अथवा स्वच्छ एवं सुरक्षित साधनों के उचित उपयोग, समय-समय पर पैड बदलने तथा इस्तेमाल किए गए पैड के सुरक्षित निस्तारण की जानकारी दी गई। साथ ही हाथों की स्वच्छता, पौष्टिक आहार, पर्याप्त पानी पीने और किसी प्रकार की असामान्य समस्या होने पर स्वास्थ्यकर्मी अथवा चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए माहवारी को प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया बताते हुए इससे जुड़े सामाजिक संकोच और भ्रांतियों को दूर करने पर जोर दिया गया। बालिकाओं को बताया गया कि सही जानकारी और स्वच्छता अपनाकर वे अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल कर सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं एवं किशोरियों ने व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाने तथा अन्य बालिकाओं को भी माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इसके अलावा लाडो प्रोत्साहन योजना,पोक्सो अधिनियम के बारे में और बाल विवाह के प्रति जागरूक किया गया।
