उप आयुक्त श्रम विभाग प्रज्ञा शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 1 जनवरी 2023 से प्रभावी न्यूनतम वेतन दरें यथावत हैं और इनमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं हुआ है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि नई श्रम संहिताएं अभी लागू नहीं की गई हैं। राज्य सरकार द्वारा नियमों के प्रकाशन की प्रक्रिया जारी है और राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के बाद ही इन प्रावधानों को प्रभावी किया जाएगा।
नई श्रम संहिताओं से वेतन में होगा संरचनात्मक बदलाव
नई श्रम संहिताओं के लागू होने पर श्रमिकों के वेतन ढांचे में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा। वर्तमान में कुल वेतन का लगभग 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा बेस वेज (बेसिक वेतन एवं महंगाई भत्ता) होता है, जिस पर पीएफ और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा कटौतियां लागू होती हैं। नई व्यवस्था के तहत बेस वेज को न्यूनतम 50 प्रतिशत करना अनिवार्य होगा, जिससे सामाजिक सुरक्षा में योगदान बढ़ेगा और श्रमिकों को भविष्य में अधिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय फ्लोर वेज निर्धारित किया जाएगा, जिसके नीचे वेतन देना गैरकानूनी होगा। कोई भी राज्य सरकार अपनी न्यूनतम वेतन दरें इस फ्लोर वेज से कम तय नहीं कर सकेगी, जिससे श्रमिकों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
उप आयुक्त ने श्रमिकों एवं उनके संगठनों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं से बचें और सही जानकारी का प्रचार-प्रसार करें। साथ ही औद्योगिक इकाइयों को भी निर्देशित किया गया है कि वे श्रमिकों के साथ सतत संवाद बनाए रखें और उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं। किसी भी प्रकार की समस्या या जानकारी के लिए उप श्रम आयुक्त कार्यालय, खैरथल-तिजारा से संपर्क करने की अपील की गई है।
