खैरथल-तिजारा, 9 अप्रैल। ग्रामीण भारत में आवास की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना के रूप में उभरी है। ग्रामीण क्षेत्रों में "सभी के लिए आवास" के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, ग्रामीण विकास मंत्रालय 1 अप्रैल 2016 से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) का कार्यान्वयन कर रहा है ताकि पात्र ग्रामीण परिवारों को सहायता प्रदान की जा सके। इस योजना के माध्यम से भारत एवं राजस्थान सरकार “सभी के लिए आवास” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद ने बताया कि योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 में 574 लोगों के अपने घर का सपना पूरा हुआ तथा 612 लोगों के घरों का कार्य प्रगतिरत है इसी प्रकार 202526 में 48 लोगों के घरों का कार्य पूर्ण होकर 427 लोगों के घरों का कार्य प्रगतिरत है। मुसाखेड़ा निवासी शकुंतला ने बताया कि पूर्व में उनके पास कच्चा मकान था जिससे उन्हें ग्रीष्म, वर्षा एवं शीत ऋतु में समस्याओं का सामना करना पड़ता था परंतु प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें अपना पक्का मकान बनाने का सपना पूरा हुआ तथा मौसम कि समस्याओं से निजात मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार प्रकट किया। इसी प्रकार जिले के निवासी मुंशी राम, उमा देवी, रिहाना जैसे अनेक लोगों का अपने घर का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से पूरा हुआ।
योजना के अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। मैदानी क्षेत्रों में लाभार्थियों को 1.20 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती है।पीएमएवाई-जी के तहत प्रदान की गई वित्तीय सहायता के अतिरिक्त, इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों के निर्माण के माध्यम से कुशल और अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। इकाई सहायता के अलावा, मकान निर्माण के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा योजना) के तहत वर्तमान दरों पर 90/95 श्रम दिवस की अकुशल श्रम मजदूरी की सहायता प्रदान की जाती है। पीएमएवाई-जी विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के अभिसरण से नल से जल, बिजली कनेक्शन, एलपीजी गैस कनेक्शन, सौर लालटेन और स्वच्छ खाना पकाने के लिए ईंधन, सौर रूफ टॉप इत्यादि जैसे लाभ प्रदान करता है।इससे न केवल आवास निर्माण संभव होता है, बल्कि जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार आता है। इस योजना का लाभ उन परिवारों को दिया जाता है जो गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं और जिनके पास पक्का मकान नहीं है।
लाभार्थियों का चयन सामाजिक-आर्थिक एवं जातिगत जनगणना (SECC 2011) के आधार पर किया जाता है, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहती है। विशेष बात यह है कि मकान का स्वामित्व महिला के नाम या संयुक्त रूप से रखने को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
आवेदन प्रक्रिया भी सरल और पारदर्शी रखी गई है। इच्छुक पात्र व्यक्ति ग्राम पंचायत या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, मनरेगा जॉब कार्ड और मोबाइल नंबर शामिल हैं। आवेदन के बाद पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा सत्यापन किया जाता है, और पात्र पाए जाने पर लाभार्थी को किस्तों में सीधे बैंक खाते में राशि हस्तांतरित की जाती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण आज ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए आशा की किरण बनकर उभरी है। यह योजना न केवल लोगों को पक्का घर उपलब्ध कराती है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करती है।
सरकार के इस प्रयास से ग्रामीण भारत में विकास की नई तस्वीर उभर रही है और “हर घर पक्का” का सपना साकार होता दिखाई दे रहा है।
